13 साल की बेटी ने पिता को मुखा​​ग्नि दी:गोंडा के बैजपुर PHC में तैनात थे, इन्फेक्शन से मौत हुई

गोंडा जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ पिता पराग दत्त के निधन के बाद उनकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी सौम्या यादव ने अयोध्या में सरयू तट पर उन्हें मुखाग्नि दी। कक्षा आठ में पढ़ने वाली सौम्या ने सोमवार देर शाम यह अंतिम संस्कार किया, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। मृतक पराग दत्त यादव (40) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैजपुर में सरकारी वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत थे। वे पिछले कुछ समय से लिवर इंफेक्शन की बीमारी से जूझ रहे थे। जिले के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार रात उनका निधन हो गया। पराग दत्त के घर में कोई बेटा न होने के कारण, उनकी इकलौती बेटी सौम्या ने पिता को अग्नि देने का फैसला किया। उन्होंने गांव के लोगों से इस संबंध में राय ली, और उनकी सहमति के बाद अयोध्या में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पिता का अंतिम संस्कार संपन्न किया। इस भावुक क्षण में, सौम्या यादव ने अपने पिता के सभी अंतिम संस्कार संबंधी कार्य पूरे किए। अब 13 वर्षीय सौम्या के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी आ गई है। सौम्या को जिले के सबसे अच्छे स्कूल फातिमा इंटर कॉलेज में पढ़ा रहे थे और वह कक्षा 8 में पढ़ रही थी। ताकि वह कुछ पढ़कर के बन सके लेकिन उसके सपने पूरे होने से पहले उसके पिता की मौत हो गई। इस घटना ने समाज को एक प्रेरणा दी है कि अब लड़कियां लड़कों से काम नहीं है। समझ में भले लोग कुछ कहे लेकिन लड़कियां कुछ ना कुछ अब संदेश देने का ही काम कर रही है। इस घटना ने एक जरूर संदेश दिया है कि अब लड़कियां किसी भी काम में पीछे नहीं है चाहे वह किसी भी तरीके का हो। वहीं गांव के रहने वाले समाजसेवी यीशु यादव ने बताया कि घर में कोई लड़का ना होने के कारण उनकी बिटिया से ही हम लोगों ने अंतिम संस्कार करवाया है। हम गांव के लोगों द्वारा पूरी तरीके से लड़की का सहयोग किया जाएगा किसी भी प्रकार की दिक्कत हम लोग नहीं होने देंगे।