कानपुर में सर्राफा कारोबारी ने 2 बेटों को ईंट से कूच दिया। बेटों को मरा समझकर कारोबारी ने जहर खाया, फिर घर के कमरे में फंदे पर लटक कर जान दे दी। इस बीच 1 बेटे की मौत हो गई, जबकि दूसरे बेटे का हैलट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें लिखा है- पिताजी, बच्चे उतने ही पैदा करने चाहिए, जितने का सही से पालन-पोषण कर सकें। इन्हें किसके सहारे छोड़ूं, इसलिए बच्चों को भी साथ ले जा रहा हूं। कानपुर में कारोबारी के जिस बेटे की मौत हुई है, वो सिर्फ 7 साल का है। जबकि 12 साल के बड़े बेटे रुद्र के सिर पर गंभीर चोट आई है। शुक्रवार सुबह जब कारोबारी घर से बाहर नहीं आए, तो पड़ोसियों ने अंदर जाकर देखा। दोनों बेटे खून से लहूलुहान पड़े थे। पुलिस के आने के बाद सभी को बिल्हौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा गया। घटना बिल्हौर के अरौल थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए पूरा मामला… पिता और बड़े भाई ने दरवाजा तोड़ा
अरौल के गांव हाशिमपुर निवासी रामशंकर कटियार के बेटे अजय कटियार (45) सर्राफा कारोबारी थे। अरौल कस्बे में वह अपने 2 बच्चों 7 वर्षीय शुभ और 12 वर्षीय बेटे रुद्र के साथ रहते थे। शुक्रवार सुबह उनके पिता रामशंकर कटियार दुकान न खुलने पर बेटे के घर पहुंचे। बाहर से आवाज दी। मगर कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया। फिर अपने बड़े बेटे चंद्रप्रकाश को सूचना दी। उन्होंने आकर किसी तरह दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखा तो सभी दंग रह गए। घर के अंदर अजय के दोनों बेटे खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। वहीं बगल में अजय भी पड़े थे। कमरे से मिली खून से सनी ईंट
मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को बिल्हौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने अजय कटियार और छोटे बेटे शुभ को मृत घोषित कर दिया। बड़े बेटे रुद्र की हालत गंभीर होने पर उसे हैलट अस्पताल कानपुर रेफर किया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस को कमरे से खून सनी ईंट, जहर का डिब्बा, गिलास और फांसी का फंदा मिला है। थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया कि अजय ने पहले बच्चों पर ईंट से हमला किया। फिर जहर खाया। बाद में फांसी लगाने का प्रयास किया। लेकिन फंदा टूटने से वह नीचे गिर गए। हालांकि ये पता नहीं चल पाया है कि उनके मौत होने से पहले फंदा टूटा या बाद में। बड़े भाई ने बताया- पिता ने फोन कर कहा था कि दुकान नहीं खोली
अजय कुमार के बड़े भाई चंद्रप्रकाश के अनुसार, मैं एक निजी स्कूलों में शिक्षक का काम करते हैं। 12:58 पर मेरे पिता राम शंकर का फोन आया। कहा कि अजय ने दुकान नहीं खोली है और जब घर पर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद है। बार-बार बुलाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसके बाद मैं पहुंचा था। किसी तरह की सामाजिक या आर्थिक समस्या नहीं थी। भाई ने ऐसा क्यों किया पता नहीं। CCTV में झाड़ू लगाते दिखे
सीसीटीवी फुटेज में सुबह 6.41 बजे अजय को घर के बाहर झाड़ू लगाते हुए देखा गया है। वह घर के अंदर चले गए। 8:23 पर सीसीटीवी फुटेज में दोनों बच्चे खेलते हुए दिख रहे हैं। तभी कमरे का दरवाजा अचानक बंद होता है। 10:41 बजे अजय एक बार और बाहर आते हैं। इसके बाद कोई हलचल नहीं दिखी। पुलिस के अनुसार, अजय लंबे समय से मानसिक तनाव में था। आज ही के दिन 2 वर्ष पूर्व उनकी पत्नी अल्का की भी मौत हुई थी। ————————– ये भी पढ़ें- एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए:बनारस की गलियों में 3 दिन तक घूमीं, बोलीं- काशी आकर मन को शांति मिलती है बॉलीवुड एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा ने काशी पहुंचीं और बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने कहा- काशी में आकर मन का शांति और सुकून मिलता है। इस शहर में आध्यात्मिक एनर्जी है। उन्होंने गंगा नदी में बोटिंग की और घाटों की सुंदरता भी देखी। पढ़िए पूरी खबर…