32 लाख का लालच देकर तीन खातों से लाखों उड़ाए:साइबर ठग ने तीन अलग अलग खातों में जमा कराई रकम, बैंक जाकर हुआ खुलासा

मेरठ में साइबर ठग ने 32 लाख रुपए का लालच देकर तीन खातों से लाखों रुपये उड़ा दिए। इस बात का खुलासा तब चला जब खाता धारक अपने बैंक पहुंचे। ठगी होने के बाद सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस उन खातों को ट्रेस कर रही है, जिसमें रकम ट्रांसफर हुई है। पिता का चेक बताकर बनाया निशाना
मामला सिविल लाइन की शिवाजी रोड जगन्नाथपुरी निवासी निशा से जुड़ा है। पुलिस को दी जानकारी में निशा ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके पास एक व्हाट्सअप कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम अमित बताया। बताया कि उनके दिवंगत पिता के नाम से 32 लाख रुपये का भुगतान होना है। कुछ पेचीदा बातें भी बताई। साथ ही भरोसा दिलाया कि अगर वह उसके मोबाइल नंबर को अपने खाते में अटैच कर दे तो वह रकम दिला सकता है। निशा ने बात मान ली और साइबर ठग के बताए नंबर को अपने खाते से जुड़वा दिया। नंबर लिंक होते ही शुरु हुआ खेल
खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक कराने के बाद अमित ने उसमें 16 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। निशा ने 16 हजार रुपये जमा करा दिए लेकिन अमित ने खाते में रकम आने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद निशा से दूसरा नया खाता खुलवाया। उस खाते में 30 हजार रुपये जमा कराए लेकिन इस बार भी रकम ट्रांसफर नहीं हुई। तीसरा खाता देकर फंसाया जाल में
दो खाते नकारने के बाद अमित ने निशा को नये जाल में फंसाया। इस बार उसने अपनी ओर से एक नया नंबर दिया। कहा- इसे अपने किसी रिश्तेदार के खाते में लिंक करा दे ताकि वह उस खाते में रकम ट्रांसफर करा सके। निशा ने इस बार अपने चाचा के खाते में वह नंबर लिंक कराया। इस बार भी रुपया ट्रांसफर नहीं हुआ। इसके बाद अमित ने फोन कट कर दिया। बैंक में जाने पर हुआ ठगी का खुलासा
निशा ने अमित का फोन कई बार मिलाया लेकिन संपर्क नहीं हुआ। परिवार के लोगों को गड़बड़ी का एहसास होने लगा। वह अगले ही दिन बैंक आ गए। खातों के बारे में पता किया तो वह फ्रीज हो चुके थे। उसमें मौजूद रकम के बारे में पूछा तो पता चला कि लाखों रुपया गायब हो चुका था। सिविल लाइन में दर्ज कराई एफआईआर
लाखों रुपये खाते से निकलने के बाद परिवार के लोग सीधे साइबर थाने आ गए। उन्होंने साइबर थाना प्रभारी को पूरी घटना के बारे में बताया। साइबर टीम ने मामले की जांच की और रिपोर्ट तैयार कर सिविल लाइन थाने को भेज दी। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।