5 आतंकी हमले करने वाले का दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन:आजमगढ़ में मां बोली- 18 साल पहले देखा था, उसने सब बर्बाद कर दिया

दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हो गई। धमाके के पीछे आतंकी डॉ. उमर नबी का नाम आया। वो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। इसी यूनिवर्सिटी में मिर्जा शादाब बेग ने बीटेक किया था। शादाब ने देश में अलग-अलग 5 ब्लास्ट किए थे। बेग आजमगढ़ के कोट मोहल्ले का रहने वाला है। उसके पिता मिर्जा एहतेशाम बेग दुबई में रहते थे, वह आजमगढ़ लौट आए हैं। परिवार से मुलाकात करने पर सामने आया कि बीटेक के फाइनल सेमेस्टर में शादाब की HCL कंपनी में नौकरी लगी थी। फिर कुछ दिन बाद दुबई की एहतेसुलाद कंपनी में भी जॉब लग गई थी। दुबई की नौकरी के लिए शादाब ने HCL में जॉब छोड़ दी। दुबई में ज्वॉइनिंग के लिए उसे 5 अक्टूबर, 2008 को फ्लाइट से दुबई जाना था। इस बीच, 19 सितंबर 2008 को घर आने की बात कह कर निकला था। उसके बाद से लापता हो गया था। तब से लेकर आज तक उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया है। उसकी वजह से परिवार ही बिखर गया। सब तहस-नहस हो गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें मिर्जा शादाब बेग की मां राहत जहां ने बताई। शादाब बेग पर 2008 में हुए जयपुर में सीरियल ब्लास्ट के साथी अहमदाबाद सूरत ब्लास्ट में भी शामिल होने का आरोप है। पढ़िए रिपोर्ट… सात भाई बहनों में सबसे बड़ा था मिर्जा शादाब बेग मिर्जा शादाब बेग की मां राहत जहां ने बताया- 7 भाई-बहनों में सबसे बड़ा मिर्जा शादाब बैग है। जबकि चार अन्य भाई मिर्जा शाहबाज बेग, मिर्जा आदिल बेग, मिर्जा शारीफ और आतिफ बैग हैं। मिर्जा शारीफ और आतिफ जुड़वा भाई हैं। यह दोनों भाई आजमगढ़ में ही दुकान करते हैं। जबकि आदिल लखनऊ में रहता है। शाहबाज दिल्ली में रहता है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। राहत जहां का कहना है कि शादाब के 2008 में लापता होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की इतनी छापेमारी हुई कि सब कुछ तहस-नहस हो गया। यह दर्द अब मरने के बाद ही मिटेगा। पहले कहीं पर भी कोई घटना होती थी, तो सबसे पहले पुलिस हमारे घर पर आती थी। हां इस बीच कुछ दिनों से आना-जाना कम हुआ था। सिलसिलेवार तरीके से जानिए शादाब बेग किन-किन आतंकी घटनाओं में शामिल रहा जयपुर ब्लास्ट, मई 2008 बेग ही विस्फोटक इकट्‌ठा करने उडुपी गया था मिर्जा शादाब बेग यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है। यह इंडियन मुजाहिदीन का अहम सदस्य रहा है। 2008 में जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट में शामिल था। विस्फोटों को अंजाम देने के लिए बेग ही विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए कर्नाटक के उडुपी गया था। उडुपी में, रियाज भटकल और यासीन भटकल को बेग ने बड़ी संख्या में डेटोनेटर और बेयरिंग दिया, जिसका इस्तेमाल IED तैयार करने में किया गया। कहा ये भी जाता है कि इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के चलते बेग बम बनाने की इंजीनियरिंग से अच्छी तरह वाकिफ था। अहमदाबाद-सूरत ब्लास्ट, जुलाई 2008 15 दिन पहले अहमदाबाद पहुंचा था 2008 में गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में ब्लास्ट हुए थे। इसमें भी बेग शामिल था। धमाके से 15 दिन पहले अहमदाबाद पहुंचा था। पहले पूरे शहर की रेकी की थी। कयामुद्दीन कपाड़िया, मुजीब शेख और अब्दुल रजीक के साथ तीन टीमें बनाईं। अब्दुल रजीक की टीम में आतिफ अमीन और मिर्जा शादाब बेग भी शामिल थे। बेग ने ही धमाके के लिए सारा लॉजिस्टिक जुटाया था। धमाकों से पहले बेग बम तैयार करता था और ट्रेनिंग भी देता था। गोरखपुर ब्लास्ट, 2007 सिलसिलेवार धमाके किए थे
2007 में गोरखपुर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों में बेग का नाम शामिल है। इन विस्फोटों में छह लोग घायल हुए थे। गोरखपुर पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन यानी IM से नाम जुड़ने के बाद इसकी संपत्ति कुर्क कर ली थी। सितंबर 2008 में इंडियन मुजाहिदीन के उजागर होने के बाद से ही बेग देश भर में बम विस्फोटों को अंजाम देने के आरोप में आज तक फरार है। दिल्ली, जयपुर अहमदाबाद और गोरखपुर के सिलसिलेवार बम विस्फोटों में नाम आने के बाद इस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, 2019 में बेग अंतिम बार अफगानिस्तान में लोकेट हुआ था, अब तक हाथ नहीं आया है। अब पढ़िए बेग का दिल्ली ब्लास्ट से कैसे जुड़ रहा कनेक्शन… बेग नए लड़कों को भर्ती करने के लिए रेडिकलाइज करने में भी माहिर था। इस बात का जिक्र खुफिया रिपोर्ट में भी है। 10 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में हुए ब्लास्ट में भी गिरफ्तार डॉ मुजम्मिल शकील भी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गया था। ये दोनों अल-फलाह से ही पासआउट हैं। एक सीनियर ऑफिसर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि दिल्ली धमाकों में बेग के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता। 2007 और 2008 में हुए धमाके और हालिया लाल किला धमाके में कोई कनेक्शन निकल सकता है। 2019 में मिली थी अफगानिस्तान में लोकेशन
आजमगढ़ के कोर्ट मोहल्ले के रहने वाले मिर्जा शादाब बेग की 2019 में लोकेशन अफगानिस्तान में मिली थी। ऐसे में जिस तरह से बड़ी संख्या में ब्लास्ट में मिर्जा शादाब बेग का इन्वॉल्वमेंट रहा है। सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर से शादाब बेग के एंगल को तलाश रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर 27 में से 25 संदिग्ध
देश और प्रदेश में हुई आतंकी घटनाओं में आजमगढ़ के 27 लोगों का नाम अभी तक सामने आया है। जिनमें से लगभग 19 जेल में बंद हैं, जबकि दो की मौत हो चुकी है। और 6 आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। जिन पर 10-10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। …………………….. ये भी पढ़ें- कानपुर में कोयला जलाकर सो रहे 4 दोस्तों की मौत:ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी; कमरा छोटा था, दम घुट गया कानपुर में एक कमरे में सो रहे चार दोस्तों के शव गुरुवार सुबह मिले। बताया जा रहा है कि ठंड के कारण उन्होंने तसले में कोयला जलाया था। कमरे को अंदर से बंद कर सो गए थे। शुरुआती जांच के मुताबिक, चारों की मौत दम घुटने से हुई है। पनकी थाना के इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाले ये चारों दोस्त गुरुवार सुबह काफी देर तक नहीं उठे। पास में रहने वाले साथियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पढ़िए पूरी खबर…