हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की पूर्व संध्या पर चौक स्थित आनंदी माता मंदिर परिसर में ऐसा दीपोत्सव सजा, जिसने शहर को रोशनी और आस्था के रंग में रंग दिया। शाम ढलते ही 7001 दीपों की लौ से पूरा इलाका जगमगा उठा और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इसे जनआस्था का विशाल उत्सव बना दिया। आनंदी वाटर पार्क के सहयोग में हुए इस आयोजन में श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। शाम से ही मंदिर परिसर और आसपास की गलियों में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। शहर के विभिन्न मंदिरों से निकली भव्य शोभायात्रा जैसे ही आनंदी माता मंदिर पहुंची, ‘जय श्री राम’ के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण गूंज उठा। सजी दीपमालाओं ने मनमोहक दृश्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 7001 दीपों का सामूहिक प्रज्वलन रहा। इसका शुभारंभ पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ने दीप जलाकर किया। जैसे ही दीप जले, चौक चौराहा मानो रोशनी के समुद्र में बदल गया। सड़कों और मंदिर परिसर में सजी दीपमालाओं ने मनमोहक दृश्य पेश किया, जिसे देखने के लिए लोग देर रात तक डटे रहे। कई श्रद्धालुओं ने इसे अविस्मरणीय बताया। काशी की आध्यात्मिक परंपरा की याद ताजा कर दी शिव-शक्ति की भव्य झांकी ने भी लोगों को आकर्षित किया। भगवान शिव और मां शक्ति के जीवंत स्वरूपों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही भस्म आरती का आयोजन हुआ, जिसने काशी की आध्यात्मिक परंपरा की याद ताजा कर दी। मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।लकी ग्रुप की ओर से प्रस्तुत झांकियों में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक दिखाई दी। वहीं खाटू श्याम ऑर्केस्ट्रा की भजन संध्या ने माहौल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। ‘श्याम बाबा’ के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. बृजेश पाठक, पार्षद अनुराग मिश्रा, विनोद माहेश्वरी, पंकज अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी और समाजसेवी मौजूद रहे। महिला मंडल की रितु माहेश्वरी, एकता अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल सहित कई महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।