AI पर लखनऊ में 290 शिक्षाविदों का मंथन:यूपी के विश्वविद्यालयों के कुलपति भी मौजूद, राज्यपाल के आह्वान पर ग्रैंड सेमिनार

AI के बढ़ते प्रभाव पर लखनऊ में 290 शिक्षाविद मंथन कर रहे हैं। इसमें यूपी के विश्वविद्यालयों के कुलपति भी शामिल हुए हैं। यह ग्रैंड सेमिनार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में 27 जनवरी से दो दिवसीय सेमिनार शुरू हुआ। सेमिनार में प्रमुख इंडस्ट्री से जुड़े AI विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं, जो उच्च शिक्षा में AI के व्यावहारिक इस्तेमाल और नवाचार को बढ़ावा देने पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, कृषि सूर्य प्रताप शाही, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल भी शामिल हुए। सब मिलकर AI पर चर्चा कर रहे हैं AKTU के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मकसद बदलते दौर में इंडस्ट्री डिमांड और AI के इन्वॉल्व होने से हो रहे स्वरूप को समझना है। AI का रोल सिर्फ हमारे एकेडमिक में नहीं जीवन के हर पहलू में है। सबसे अहम यह है कि AI को लेकर यूपी में बहुत काम हो रहा है। यूपी बड़ी संख्या में हर साल दुनिया को टेक्निकल मैन पावर देता है, ऐसे में सब मिलकर इस पर चर्चा करेंगे तो बेहतरीन परिणाम मिलना तय है। यूनिवर्सिटीज के पूरे इको सिस्टम को फायदा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के एडवाइजर और कलाम सेंटर के CEO सृजन पाल सिंह ने बताया कि इस 2 दिवसीय AI मंथन से यूनिवर्सिटीज के पूरे इको सिस्टम को फायदा होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि खुद राज्यपाल सभी सत्र में भाग ले रही हैं। इसका मतलब वह खुद इसकी अहमियत को समझ रही हैं। ‘हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग’ सत्र होगा खास इस सम्मेलन में AI टूल्स पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग’ यानी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU), रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (RRU) के विख्यात विशेषज्ञों के साथ-साथ आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, TCS, IBM और कलाम सेंटर के प्रतिनिधि सत्र का संचालन कर रहे हैं। सम्मेलन में ये करेंगे मॉडरेशन सत्रों का मॉडरेशन डॉ. अनुज कुमार शर्मा (AKTU), डॉ. अंशु सिंह (CSJMU), प्रो. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. रितेश मौर्य (MMMUT) और प्रो. विनीत कंसल (IET) कर रहे हैं। कार्यशाला के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों के AI स्टार्टअप का अवलोकन किया। दो दिनों तक चलने वाले इस ‘मंथन’ का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के राज्य तकनीकी, उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालयों में AI आधारित परीक्षा प्रणाली, प्रश्न पत्र निर्माण और छात्र परामर्श, पाठ्यक्रम नवाचार जैसे प्रस्तावों की तैयारी के लिए इकोसिस्टम तैयार करना है। समापन सत्र में भी राज्यपाल शामिल होंगी। इस पर किया जा रहा खास फोकस इन सत्रों में यह भी बताया जा रहा है कि कि जिन्हें कंप्यूटर का अधिक ज्ञान नहीं है, वे भी AI टूल्स का किस तरह सरल तरीके से उपयोग कर सकते हैं। विमर्श के दौरान यह तय करने पर जोर रहेगा कि विश्वविद्यालय AI का इस्तेमाल शिक्षण गुणवत्ता सुधारने, मूल्यांकन प्रणाली को पारदर्शी बनाने, प्रशासनिक कार्यों को आसान करने और छात्रों को भविष्य के रोजगार के लिए कैसे तैयार करें। इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों को एक साझा रोडमैप मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा में तकनीक आधारित सुधार, इंडस्ट्री से बेहतर तालमेल और छात्रों की स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा मिल सकेगी।