इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आज शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव बहाली और 24 घंटे लाइब्रेरी खोलने का मुद्दा उठा। छात्रों का एक दल कैंपस में नारेबाजी करते हुए कुलसचिव तथा डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन साैंपा। इसी तरह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ शुल्क के नाम पर चल रही अवैध वसूली का विरोध किया गया। छात्रों ने कहा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तकरीबन 35000 छात्र छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं जिसे प्रत्येक वर्ष 50-55 रुपए छात्र संघ शुल्क के नाम पर अवैध रूप से वसूला जाता है। अमन मिश्रा ने कहा, वर्ष 2019 में शासन ने छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दिया फिर भी तकरीबन 6 वर्षों से छात्र संघ शुल्क अवैध रूप से अध्ययन कर रहे छात्रों से प्रवेश लेते समय वसूला जाता है। 5 अप्रैल 2025 को जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानने का प्रयास किया गया लेकिन जन सूचना अधिकारी द्वारा कोई भी समुचित जानकारी नहीं दी गई जिससे यह पता चल सके की छात्रों का पैसा आखिर जाता कहां है? ज्ञापन सौंपने वालों मेंअमन मिश्रा, धीरज पांडे, अनुराग मिश्रा, सत्यम पांडेय, उत्कर्ष उपाध्याय, ऋषभ, मयंक आदि शामिल रहे।