BHU ट्रॉमा सेंटर के एनीस्थिसिया स्पेशलिस्ट प्रोफेसर डॉ राजेश मीणा पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का वाराणसी कोर्ट ने आदेश दिया है। इस आदेश के बाद रोहनिया पुलिस ने जितेंद्र यादव की हत्या के मामले में धारा 190, 191(2),191(3), 126(2) , 115(2) ,351(3) 352 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बता दें की मृतक की मौत को दुर्घटना का रूप देने का काम किया गया था। जिसपर उसके भाई ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 30 जुलाई 2019 को मिली थी लाश
30 जुलाई 2019 को अहरौरा डैम में रहस्यमय ढंग से डूब कर मरने वाले जितेंद्र यादव के प्रकरण में उनके भाई धर्मेंद्र यादव के प्रार्थना पत्र पर रोहनिया थाने में ट्रॉमा सेंटर काशी हिंदू विश्वविद्यालय एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर डॉ राजेश मीणा पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच से असंतुष्ट होकर मृतक जितेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र यादव ने वाराणसी न्यायालय की शरण में गया था। कोर्ट को दी थी धर्मेंद्र ने पूरी जानकारी
मृतक के भाई धर्मेंद्र यादव ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि – उनका भाई जितेंद्र यादव रोहनिया थाने के अंतर्गत एक अस्पताल में काम करता था। जहां बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर राजेश मीणा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं देते थे। दोनों के बीच में अच्छी पहचान के बाद दोस्ती हो गयी थी। इसी बीच जितेंद्र यादव के हाथ में प्रोफेसर राजेश मीणा के कुछ आपत्तिजनक वीडियो हाथ में लग गए। इन्हीं आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त करने तथा उन्हें नष्ट करने का दबाव डॉ राजेश मीणा बनाने लगे। इसी के तहत एक योजना के अंतर्गत जितेंद्र यादव को भरपूर शराब पिलाकर अहरौरा डैम में ले जाकर फेंक दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई।