लखनऊ नगर निगम के वार्ड-73 फैजुल्लागंज तृतीय से भाजपा पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन कोर्ट ने 19 दिसंबर को रद्द कर दिया था। सपा से रनर रहे ललित कुमार तिवारी को पार्षद बनाया गया। बावजूद इसके नगर निगम की ओर से गुजरात भेजे गए प्रतिनिधिमंडल में पार्षदी गंवाने वाले प्रदीप को शामिल किया गया, जबकि सपा के ललित की अनदेखी की गई। अब सपा पार्षद कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। नगर निगम का करीब 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को गुजरात रवाना हुआ था। इसमें सिर्फ पार्षदों और अधिकारियों को शामिल किया जाना था। इस बार पार्षद प्रतिनिधियों को भी मौका नहीं दिया गया, जबकि प्रदीप कुमार शुक्ला को खास तवज्जो दी गई। नगर निगम का यह प्रतिनिधिमंडल गुजरात में विकास कार्यों, सौर ऊर्जा, साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और अन्य नगरीय व्यवस्थाओं के मॉडल का अध्ययन करेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इंटरनेशनल फ्लावर शो भी देखा। सपा पार्षद बोले- पार्षद की हैसियत से टूर पर गए वार्ड-73 फैजुल्लागंज तृतीय से सपा पार्षद ललित कुमार तिवारी ने कहा- पार्षद की हैसियत से प्रदीप कुमार शुक्ला नगर निगम टीम के साथ में दौरे पर गए हैं। यह गलत है। इसमें अगर नगर निगम के खर्चे पर जाना हुआ है, तो यह न्यायालय के निर्णय की भी अवमानना है। जब व्यक्ति पार्षद ही नहीं है तो वह क्या सीखेगा और उसका अनुभव कहां लगाएगा? ललित ने बताया- मेरे पार्षदी के शपथ से संबंधित प्रक्रिया के डॉक्यूमेंट भी आयोग से डीएम कार्यालय पहुंच चुका है। अब इसे शासन भेजा गया है। जल्द ही वह फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड से शपथ लूंगा। 26 दिसंबर को भेजी थी कॉपी सपा पार्षद ललित कुमार तिवारी ने कहा- पार्षदी के संबंध में आए कोर्ट के आदेश की कॉपी मैंने 26 दिसंबर को रजिस्टर्ड डाक के जरिए मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को भेज दी थी। कोर्ट के ऑर्डर में साफ लिखा है कि आर्डर आने के दूसरे दिन से ही प्रभावी है। कांग्रेस नेता बोलीं- कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि कांग्रेस नेता ममता चौधरी ने कहा- जब कोर्ट ने यह निर्णय दे दिया कि ललित कुमार तिवारी पार्षद हैं। तो वही पार्षद हैं। कानूनी रूप से देखा जाए तो कोर्ट ने जो निर्णय लिया। वही सही है। उसके ऊपर कोई राजनीतिक दल और शासन-प्रशासन नहीं है। जब तक कि कोर्ट से दूसरा कोई निर्णय नहीं आता है। कोर्ट में प्रदीप को चैलेंज कर जीते हैं ललित स्थानीय निकाय चुनाव 2023 में वार्ड-73 फैजुल्लागंज तृतीय से भाजपा के प्रदीप कुमार शुक्ला और सपा के ललित किशोर तिवारी आमने-सामने थे। चुनाव परिणाम में प्रदीप शुक्ला को 4972 वोट मिले, जबकि ललित तिवारी को 3298 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला 1674 वोट से विजयी घोषित हुए। चुनाव परिणाम आने के बाद ललित तिवारी ने 13 मई 2023 को लखनऊ के अपर जिला जज की अदालत में चुनाव याचिका दाखिल कर प्रदीप शुक्ला के निर्वाचन को चुनौती दी थी। एफिडेविट में दूसरी शादी और संपत्ति छिपाने का आरोप लगाया
ललित किशोर ने याचिका में आरोप लगाया गया कि नामांकन के समय प्रदीप शुक्ला ने एफिडेविट में अपनी निजी जानकारी पूरी तरह उजागर नहीं की थी। प्रदीप शुक्ला की दो शादी हुई हैं। पहली पत्नी सरोज शुक्ला और दूसरी गरिमा शुक्ला हैं। दोनों पत्नियों से उनके बच्चे हैं और परिवार के नाम पर संपत्तियां भी हैं। प्रदीप शुक्ला ने इनका उल्लेख एफिडेविट में नहीं किया है। कोर्ट ने ललित किशोर तिवारी के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट में पेश नहीं हुए साक्षी, विपक्ष की ओर से भी साक्ष्य नहीं कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों, शपथ पत्र और निर्वाचन फॉर्म की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आवश्यक जानकारियां न देना कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर 13 मई 2023 को निर्वाचित घोषित किए गए प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन शून्य और निरस्त किया था। साथ ही याची ललित किशोर तिवारी को वार्ड-73 फैजुल्लागंज (तृतीय) से निर्वाचित घोषित किया था। ………………………………… यह खबर भी पढ़िए यूपी में सबसे ज्यादा 12 लाख वोटर लखनऊ में कटे: 2 लोकसभा में अब 27.94 लाख मतदाता, सरोजनी नगर विधानसभा में 70 हजार कम हुए लखनऊ में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई है। इसमें 12 लाख 138 नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। यह संख्या जिले के कुल मतदाताओं का 30.04 प्रतिशत है। यानी कि राजधानी में हर तीसरा मतदाता अब वोटिंग सिस्टम का हिस्सा नहीं रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर