मुजफ्फरनगर के DAV पीजी कॉलेज में आत्मदाह करने वाले छात्र ने रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौत की खबर सुनते ही जाट महासभा, राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण कॉलेज के गेट पर पहुंचे। कॉलेज के गेट पर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद करीब 300 मीटर नारेबाजी करते हुए बुढ़ाना कोतवाली पहुंचे। यहां धरने पर बैठ गए। भीड़ को बढ़ता देख प्रशासन अलर्ट हो गया। दिनभर धरना-प्रदर्शन और हंगामा चलता रहा। अंत में प्रदर्शनकारियों के दबाव में प्रशासन को झुकना पड़ा। रविवार शाम को छात्र की बहन की नई शिकायत पर कॉलेज प्रबंधक, प्राचार्य, पीटीआई और 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। एसएसपी संजय वर्मा ने एक सब-इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने तीन दिन में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन खत्म हुआ। अब पढ़िए पूरा मामला… रविवार दोपहर डीएवी कॉलेज परिसर में जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान के नेतृत्व में सैकड़ों लोग कॉलेज गेट पर धरने पर बैठ गए। उनकी मुख्य मांगें थीं कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता और एफआईआर में कॉलेज प्रबंधन सहित सभी आरोपियों के नाम शामिल किए जाएं। मौके पर पहुंचे सीओ गजेंद्रपाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती छात्र उज्ज्वल के बयान के आधार पर आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे। इस दौरान, कॉलेज प्रबंधक अरविंद कुमार गर्ग ने परिवार को एक लाख रुपए की तत्काल सहायता की पेशकश की, जिसे ग्रामीणों ने अपराध पर पर्दा डालने का प्रयास बताते हुए खारिज कर दिया। 50 लाख रुपए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक 50 लाख रुपए की सहायता नहीं मिलती। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। कॉलेज में वार्ता विफल होने के बाद, जाट महासभा और रालोद नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कॉलेज से कोतवाली तक एक विशाल जुलूस निकाला। बुढ़ाना कोतवाली परिसर पहुंचते ही नेताओं का हंगामा
पूरा बुढ़ाना कस्बा छात्र एकता जिंदाबाद और दोषियों को गिरफ्तार करो जैसे नारों से गूंज उठा। बुढ़ाना कोतवाली परिसर पहुंचते ही यह शांतिपूर्ण जुलूस एक बड़े हंगामे में बदल गया। प्रदर्शनकारी प्राचार्य प्रदीप कुमार, प्रबंधक अरविंद गर्ग और पीटीआई संजीव कुमार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। फीस के नाम पर छात्रों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं
रालोद नेताओं ने कहा- फीस के नाम पर छात्रों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे दोषी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। आंदोलन को तब और मजबूती मिली जब भारतीय किसान यूनियन भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर आई। गरीब किसान का बेटा फीस के बोझ तले जल गया
भाकियू नेता अनुज बालियान और संजीव पंवार का कहना था कि एक गरीब किसान का बेटा फीस के बोझ तले जल गया। दोषी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। यह सरासर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो जिला मुख्यालय तक विशाल मार्च निकाला जाएगा। बढ़ते दबाव के बीच पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया। लंबी बातचीत के बाद उज्ज्वल की बहन सलोनी राणा द्वारा दी गई नई शिकायत के आधार पर मुकदमा लिखने पर सहमति बनी। बहन ने बताई पूरी घटना, भाई को बाल पकड़कर लात-घूसों से पीटा
सलोनी ने शिकायत में बताया- उसका भाई उज्ज्वल राणा डीएवी कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र था। आर्थिक तंगी के कारण उसकी कुछ फीस बकाया थी। आरोप है कि इसी बात पर कॉलेज प्रबंधक अरविंद कुमार गर्ग और प्राचार्य प्रदीप कुमार ने उसे दफ्तर में बुलाकर घोर अपमानित किया। इसके बाद पीटीआई संजीव कुमार ने प्राचार्य के इशारे पर उज्ज्वल को बाल पकड़कर लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। पुलिस वालों ने भी मेरे भाई को बेरहमी से मारा
जब प्राचार्य ने पुलिस बुलाई, तो मौके पर पहुंचे एएसआई नंदकिशोर और सिपाही ज्ञानवीर और विनीत ने भी उज्ज्वल से मारपीट की। इस प्रताड़ना से हताश होकर जब उज्ज्वल ने आत्महत्या करने की बात कही, तो पीटीआई संजीव कुमार ने क्रूरता से ताना मारते हुए कहा- कल की बजाय आज ही कर ले। इसी अपमान और आघात से व्यथित होकर उज्ज्वल ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। यह भी आरोप है कि जब अन्य छात्र उसे बचाने दौड़े, तो कॉलेज स्टाफ ने उन्हें संस्थान से निकालने की धमकी दी और आरोपी मौके से फरार हो गए। सलोनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राचार्य प्रदीप कुमार के अलावा प्रबंधक अरविंद गर्ग, पीटीआई संजीव कुमार, एएसआई नंदकिशोर और सिपाही ज्ञानवीर व विनीत के नाम मुकदमे में शामिल किए। सीओ ने प्रदर्शनकारियों को 3 दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ————————– यह खबर भी पढ़ें… एटा में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, एक गोली सीने और एक बगल में लगी एटा में बीजेपी के पूर्व सभासद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। खून से लथपथ शव रेलवे ट्रैक के किनारे मिला। शरीर पर दो जगह गोली लगने के निशान हैं। परिजनों ने बताया- पूर्व सभासद रोज की तरह इवनिंग वॉक पर निकले थे। परिजनों ने जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला नगर कोतवाली का है। पढ़ें पूरी खबर…