सहारनपुर में 100 से अधिक आईफोन बंद हो गए। ये सभी गीतांजलि मोबाइल सेंटर से खरीदे गए थे। कस्टमरों ने बताया कि फोन चलते-चलते अचानक रीसेट हो गए और फिर चलना बंद हो गए। हमने खोलने की कोशिश की, लेकिन खुले नहीं। हमें नकली फोन बेचा गया। इस पर श्रीराम चौक के गीतांजलि मोबाइल सेंटर के मालिक ने कहा- जो लोग थाने पहुंचे, उनमें से 20 ऐसे लोग थे, जिन्होंने एक भी किस्त नहीं दी। वो फिर भी हल्ला मचा रहे हैं। वो चाह रहे हैं कि उनकी किस्त माफ हो जाए। उनकी नीयत ठीक नहीं थी। उन लोगों ने मोबाइल की किश्त नहीं जमा की थी, इसलिए सॉफ्टवेयर के जरिए उनके फोन बंद हो गए। वे सॉफ्टवेयर कंपनी का सिस्टम है। जिसे फाइनेंस के कहने पर एग्जिक्यूट किया गया। अब पढ़िए पूरा मामला… श्री राम चौक पर स्थित गीतांजलि मोबाइल सेंटर पर शनिवार को 70-80 लोग हंगामा कर रहे थे। मोबाइल सेंटर बंद था। जिसके चलते वो सड़क पर ही धोखेबाजी का नारा लगाते हुए आईफोन दिखाकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन लोगों का कहना था कि हम लोगों ने गीतांजलि मोबाइल सेंटर से एपल के 13 प्रो और 14 प्रो जैसे मॉडल खरीदे थे। अब हमारा फोन अचानक से चलना बंद हो गया है। हम दुकान पहुंचे, लेकिन यहां तो ताला पड़ा मिला। अब हम कहां जाएं। हमारा इतना नुकसान हो गया। गुस्साए ग्राहक वहीं दुकान के बाहर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह सभी को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि 2 महीने के अंदर गीतांजलि मोबाइल सेंटर से ये फोन बेचे गए थे। इन सभी के फोन रिसेट हो गए और अचानक से चलना बंद हो गए। हंगामे की 2 तस्वीरें
मोबाइल खरीदने वाले लोगों ने क्या कहा, पढ़िए
गीतांजलि मोबाइल सेंटर के मालिक बोले- सॉफ्टवेयर प्रॉब्लम है
गीतांजलि मोबाइल सेंटर के मालिक अंकुर आनंद ने बताया कि मेरी दुकान में मोबाइल, कपड़े और शूज मिलते हैं। हम लोग नये और सेकेंड हैंड दोनों तरह के मोबाइल बेचते हैं। हमारी मदर की तबीयत खराब होने के चलते पिछले 3 दिन से शॉप बंद थी। वह अभी भी गाजियाबाद में एडमिट हैं। दरअसल हम जिस कंपनी से सॉफ्टवेयर खरीदते हैं, उस सॉफ्टवेयर में फाइनेंस से रिलेटेड ऐसा सिस्टम है कि जिसमें अगर ग्राहक मोबाइल की किस्त नहीं जमा करता है, तो कंपनी का सॉफ्टवेयर फोन को रीसेट कर देता है। कंपनी का सॉफ्टवेयर उस फोन को बंद कर देता है। उस कंपनी ने ऑटोमेटिक डेटा अपलोड किया। जिससे 30-40 लोगों के मोबाइल रीसेट हो गए। इसमें हम लोगों की कोई गलती नहीं है। फिर भी हम उपभोक्ताओं के साथ खड़े हैं। लोग हल्ला मचाकर किस्त माफ कराना चाहते हैं
सॉफ्टवेयर कंपनी की वजह से यह समस्या आई है। लेकिन हम ग्राहकों की समस्या का समाधान कर रहे हैं। जो फाइनेंस वाली कंपनी है यह सभी सेट उन्होंने बंद किए हैं। तभी ये गड़बड़ हुई है। यह एम कॉप्स नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा मोबाइल रिसेट किए गए हैं। हमने कंपनी से बात की, लेकिन उनकी ओर से हमें कोई सपोर्ट नहीं मिला। जबकि कंपनी की जिम्मेदारी होती है। फिलहाल एम कॉप्स कंपनी अब मोबाइलों को खुलवाने में हमारा सपोर्ट कर रही है। हालांकि इन सब में हमारी या ग्राहकों की कोई गलती नहीं है। जो लोग मोबाइल की शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं, उनमें काफी लोग ऐसे थे जिन्होंने मोबाइल खरीदने के बाद एक भी किस्त जमा नहीं की है। ऐसे लोग वहां पहुंचकर इसलिए हल्ला मचा रहे थे, ताकि उनकी किस्त माफ हो जाएं। उन लोगों की नीयत ठीक नहीं थी। उनकी 4-4 किस्तें पेंडिंग हैं। फिलहाल हमने एम कॉप्स को छोड़कर दूसरी कंपनी का बैकअप ले लिया है, ताकि आगे से ग्राहकों को इस तरह की समस्या ना बने। ————————–
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