गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के सहायक अभियंता (AE) सिविल धर्मेश ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगी है। उन्होंने बुधवार 28 जनवरी को इस आशय का पत्र उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन को दिया है। उपाध्यक्ष से उन्होंने वीआरएस की मंजूरी के लिए शासन को प्रत्यावेदन भेजने का अनुरोध किया है। उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए स्थानीय स्तर से शासन को प्रत्यावेदन भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही वीआरएस स्वीकृत कर लिया जाएगा। धर्मेश के आवेदन के बाद से प्राधिकरण में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। हाल के वर्षों में इस तरह का मामला प्रकाश में नहीं आया था। इसलिए जैसे की किसी AE की ओर से वीआरएस का आवेदन देने की बात सामने आयी तो हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि AE ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए वीआरएस मांगा है। जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद
सूत्रों की मानें तो AE की ओर से दिया गया आवेदन शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही वहां से मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। प्राधिकरण के सचिव पुष्पराज सिंह की ओर से धर्मेश के पास जो निर्माण कार्य थे, उसे दूसरे AE अनिल कुमार को दे दिया गया है। वह अपने कार्यों के साथ-साथ यह अतिरिक्त कार्य भी देखेंगे। अब जानिए कौन से महत्वपूर्ण कार्य देख रहे थे धर्मेश
धर्मेश के पास रामगढ़ताल के किनारे बन रही ताल रिंग रोड की महत्वपूर्ण परियोजना थी। इसके साथ ही खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में बन रहे ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं मिनी एमआईजी भवनों का चार्ज भी था। कुछ दिन पहले ताल रिंग रोड का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनथ को निरीक्षण भी करना था। उसकी तैयारी चल रही थी लेकिन कतिपय कारणों से मुख्यमंत्री का निरीक्षण स्थगित हो गया। फिलहाल अब सबकी निगाहें शासन की ओर है।