GST ट्रिब्यूनल की मांग, कानपुर में हुआ व्यापारी संवाद कार्यक्रम:बोले आयुक्त- अब GST में प्रक्रियागत सुधार जरूरी

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, पंजीयन आधार मजबूत करने और राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा ‘व्यापारी संवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शुक्रवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह, सीएसजेएम विश्वविद्यालय, कानपुर नगर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुक्त राज्य कर उत्तर प्रदेश डॉ. नितिन बंसल ने सहभागिता करते हुए GST 2.0 सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि GST 2.0 में टैक्स रेट से जुड़े सुधार किए जा चुके हैं, अब आवश्यकता है कि GST व्यवस्था के अंतर्गत प्रक्रियागत सुधारों को व्यापारी संवाद के माध्यम से लागू किया जाए। कार्यक्रम में अपर आयुक्त ग्रेड-1 कानपुर जोन-प्रथम श्री सैमुअल पॉल एन., अपर आयुक्त ग्रेड-1 कानपुर जोन-द्वितीय श्री आर.एस. विद्यार्थी सहित कानपुर नगर में तैनात समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में इसे एक नई पहल बताया गया। व्यापारी संवाद कार्यक्रम में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा, FITA के प्रादेशिक महासचिव उमंग अग्रवाल, मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कटारिया, युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक श्याम शुक्ला, ईंट भट्टा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व अन्य स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। पदाधिकारियों और व्यापारियों ने कानपुर को उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी बताते हुए यहां GST ट्रिब्यूनल की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही वर्ष 2019-20 तक एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने वाले व्यापारियों की तरह आगामी वर्षों के लिए भी ऐसी ही स्कीम लाए जाने की मांग रखी गई।व्यापारियों ने खंड स्तर पर व्यापारी संवाद कार्यक्रम, कर निर्धारण नोटिस और आदेशों को मैनुअल/डाक के माध्यम से तामील कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की। आयुक्त राज्य कर डॉ. नितिन बंसल ने व्यापारियों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।इस दौरान लघु उद्योग भारती महिला इकाई की सचिव डॉ. सुभाषिणी खन्ना ने GST व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर अपने विचार रखे और सरकार द्वारा लाए गए GST 2.0 सुधारों की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्टेकहोल्डर्स को GST से जुड़ी समस्याएं मौखिक व लिखित रूप में रखने का अवसर दिया गया। विभाग ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का संकलन कर उन्हें शासन/मुख्यालय स्तर पर भेजा जाएगा, जिससे प्रदेश में व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके। आयुक्त राज्य कर ने निर्देश दिए कि व्यापारी संवाद कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान शीर्ष स्तर से सुनिश्चित हो सके।