HP अफसरों का हत्यारोपी बोला- नौकरी से निकलवाया:बेइज्जती करते थे, इसलिए मार डाला; बदायूं में 4 मिनट में की पूरी वारदात

‘अफसरों ने मेरे सम्मान को ठेस पहुंचाई थी। कभी मुझसे मेज साफ करवाते थे, तो कभी 4 लोगों के सामने कहते थे कि पानी ले आओ। जानबूझकर दोनों मेरे साथ ऐसा कर रहे थे, ताकि मेरी इमेज लोगों की नजर में खत्म हो जाए। बाद में दोनों ने साजिश के तहत मुझे नौकरी से निकलवा दिया। इलाके में मेरी धाक थी, वो खत्म कर दी। इसलिए दोनों को ठिकाने लगा दिया।’ यह कबूलनामा है बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) के हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह का। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसका हाफ एनकाउंटर किया। दोनों पैरों में गोली मारी। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। अस्पताल में पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कई खुलासे किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सिर्फ 4 मिनट में वारदात को अंजाम दिया। वह भरी मीटिंग में घुसा। हर्षित की पीठ में गोली मारी, फिर DGM को दौड़ाकर दो गोलियां मारीं। दोनों अफसरों ने नौकरी से निकलवाया, ऐसा आरोपी को लगता था
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अजय सिंह HPCL में चतुर्थ श्रेणी का संविदा कर्मचारी था। इसके अलावा वह पराली का ठेका भी लेता था। 3 महीने पहले आउटसोर्सिंग का ठेका दूसरे ठेकेदार को मिल गया। इसके चलते आरोपी की नौकरी चली गई। इसके लिए वह DGM सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा को जिम्मेदार मानता था। इसलिए उसने वारदात को अंजाम दिया। भरी मीटिंग में घुसा, DGM को दौड़ाकर मारी गोली
गुरुवार दोपहर 1 बजे मैं HPCL प्लांट गया। उस वक्त प्रशासनिक भवन में मीटिंग चल रही थी। मैं वहां पहुंचा तो 5 लोग बैठे थे। मैंने सभी को इसी बात में उलझाए रखा कि मुझे नौकरी पर वापस रख लो। इसी बीच असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के पीछे पहुंचा और पीठ पर तमंचा सटाकर ट्रिगर दबा दिया। आगे पड़ी मेज पर खून का फव्वारा छूटा, जिसे देखकर लोग डर गए और भागने लगे। मैं DGM सुधीर गुप्ता को दौड़ा लिया। तीन राउंड फायरिंग की। इनमें से 2 गोलियां सुधीर को लगीं। वह जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने गेट के भीतर लगे CCTV चेक किए तो पता चला कि 1:55 बजे बोलेरो लेकर आरोपी प्लांट के अंदर गया। ठीक 4 मिनट बाद 1:59 बजे गाड़ी लेकर बाहर निकला। यानी उसने सिर्फ 4 मिनट में वारदात को अंजाम दिया। मुंबई से SSP को मिली शूटआउट की सूचना
प्लांट के अफसरों के अनुसार, वारदात के बाद स्टाफ ने थाना मूसाझाग प्रभारी को कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। CO उझानी ने भी कॉल रिसीव नहीं की। नतीजतन HPCL के मुंबई हेडक्वार्टर में कॉल करके जानकारी दी गई। इसके बाद वहां से SSP ब्रजेश सिंह के मोबाइल पर कॉल आई और शूटआउट की सूचना दी गई। उस वक्त SSP दरोगा भर्ती परीक्षा केंद्रों का DM के साथ मुआयना कर रहे थे। SSP के निर्देश पर CO उझानी और SDM दातागंज वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुका था। दोनों अफसरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने दोनों पैरों में मारी गोली
CO डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया- आरोपी अजय सिंह ने जिस हथियार से अफसरों की हत्या की थी, उसे वारदात के बाद जंगल में छिपा दिया। शुक्रवार तड़के पुलिस हथियार की बरामदगी के लिए आरोपी को जंगल में ले गई थी। इसी दौरान आरोपी ने झाड़ियों के बीच से लोडेड तमंचा निकाला और पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। हर्षित का अंतिम संस्कार हुआ, मां बोलीं- ठाकुरों ने मिलकर मारा
13 मार्च, शुक्रवार दोपहर परिजन पोस्टमॉर्टम के बाद हर्षित मिश्रा का शव लेकर पीलीभीत के पूरनपुर स्थित घर ले गए। वहां अंतिम संस्कार किया गया। हर्षित मिश्रा, सेवानिवृत्त चीनी मिल कर्मचारी सुशील मिश्रा के बड़े बेटे थे। उनके छोटे भाई वैभव मिश्रा भी राजस्थान में HPCL में अधिकारी हैं। हर्षित मिश्रा की मां रीना ने कहा- कल भी बेटे से बात हुई थी। उसने बताया था कि उसकी जान को खतरा है। इस बारे में उसने SP को भी बताया, DM के पास भी गया और विधायक से भी शिकायत की थी। लेकिन जब भी वे विधायक के पास जाते थे, तो वह कभी इनकी तरफ बोलते थे तो कभी अजय सिंह की तरफ। सब ठाकुर हैं, सब उनके भाई जैसे हैं। सभी ने मिलकर बेटे को मारा है। DGM का शव परिवार नोएडा लेकर रवाना
गुरुवार रात 11:20 बजे नोएडा से DGM सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता, बेटा आरुष और ससुर कैलाश बदायूं पहुंचे। सुधीर का शव देखकर पत्नी फूट-फूटकर रोने लगीं। बेटा भी मां के गले से लिपटकर रोने लगा। ससुर भी रो पड़े। पत्नी ने रोते हुए कहा- सुधीर जल्द ही काम से फ्री होकर परिवार को ज्यादा समय देने की बात करते थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार DGM सुधीर गुप्ता के शव को लेकर नोएडा रवाना हो गया। प्लांट शटडाउन, रीजनल मैनेजर ने दिलाया भरोसा प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद यहां के जिम्मेदारों ने मुंबई में मेल करके स्पष्ट कर दिया कि दहशत के माहौल में प्लांट का संचालन नहीं हो सकता। ऐसे में फिलहाल इसे शटडाउन दिया जाना चाहिए। यही वजह रही कि रीजनल मैनेजर आज यहां पहुंचे और डीएम समेत एसएसपी से सुरक्षा व्यवस्था चौकस कराने की मांग उठाई। इसके बाद वहां पीएसी तैनात की गई। साथ ही रीजनल मैनेजर ने स्टाफ को पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। SSP बृजेश सिंह हटाए गए, अंकिता शर्मा को कमान
हत्याकांड के बाद शुक्रवार रात SSP डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटा दिया गया। उन्हें साइडलाइन करते हुए पुलिस मुख्यालय में लॉजिस्टिक विभाग में तैनाती दी गई है। उनकी जगह कासगंज की SP अंकिता शर्मा को जिम्मेदारी मिली है। बृजेश सिंह 24 जून 2024 को बदायूं के SSP बने थे। यहां वे करीब पौने दो साल रहे। —————– यह खबर भी पढ़िए… टुंडे कबाब और कश्मीरी चाय बन पाना मुश्किल:लखनऊ में गैस किल्लत का 5 हजार दुकानों पर असर, चटोरी गली में 60% दुकानें बंद लखनऊ में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत काफी बढ़ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तमाम होटल, रेस्टोरेंट और छोटे दुकानदारों के पास कुछ ही दिन के लिए गैस बची है। कई दुकानदारों ने तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे बना लिए हैं। पूरी खबर पढ़ें