KGMU में भर्ती मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब भर्ती मरीज के तीमारदारों को दवा के लिए काउंटर के सामने कतार नहीं लगनी होगी। हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) से भर्ती मरीजों को बाजार से सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी कवायद तेज कर दी गई है।
मंगलवार को यह जानकारी KGMU कुलपति डा. सोनिया नित्यानंद ने दी। डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि KGMU में चार हजार से अधिक बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहे हैं। अभी भर्ती मरीज के तीमारदारों को दवाओं के लिए एचआरएफ काउंटर के सामने कतार लगनी पड़ रही है। इससे तीमारदारों को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। दवाएं लेने में तीमारदारों का कीमती समय गुजर रहा है। समय पर दवा न मिलने से मरीजों का इलाज भी प्रभावित होता है। मरीजों को दुश्वारियों से बचाने के लिए KGMU प्रशासन ने एचआरएफ से भर्ती मरीज के बेड पर दवाएं मुहैया कराई जाएगी। मेडि मित्र बेड पर देंगे दवाएं
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि वार्ड में डॉक्टर के निर्देश पर स्टॉफ प्रत्येक मरीज का अलग से दवाओं का ऑनलाइन आर्डर एचआरएफ भेजेगा। वहां से मरीज के लिए दवा का पैकेट तैयार किया जाएगा। जिसे बाद में मेडि मित्र दवा लेकर मरीज को देंगे। भुगतान मरीज के अकाउंट से होगा। 25 करोड़ की दवाएं हर माह बिक रहीं
कुलपति ने बताया कि एचआरएफ में लगातार दवाओं की बिक्री बढ़ी है। डॉक्टर मरीजों को एचआरएफ की सस्ती दवाएं मिल रहे हैं। जहां एचआरएफ की दवाओं की वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹111 करोड़ की बिक्र हुई थी। जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 185 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹256 करोड़ तक पहुंच गया है। इस प्रकार दो वित्तीय वर्षों में लगभग 125 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि हर महीने तकरीबन 25 करोड़ की दवाएं बिक रही हैं। जबकि कुछ समय पहले आठ से नौ करोड़ रुपये महीने की दवाएं ही बिक रही थीं। लगभग तीन गुना एचआरएफ से सस्ती दवाओं की बिक्री हो रही है। 4100 ओपीडी मरीज रोज खरीद रहे दवाएं
डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि पहले 20 से 30% दवाएं ही एचआरएफ में उपलब्ध थी। जो अब बढ़कर 80 प्रतिशत तक हो गई हैं। विभाग की जरूरत के हिसाब से प्रत्येक काउंटर पर दवाएं मुहैया कराई गई हैं। नेत्र रोग विभाग में तीन से पांच प्रकार के लैंस तक उपलब्ध कराएं गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ओपीडी में 41 सौ से अधिक ओपीडी मरीज सस्ती दवाएं एचआरएफ से खरीद रहे हैं। पहले यह संख्या 2500 के करीब थी। यहां मरीजों को 30 से 70 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। प्रेस वार्ता में एचआरएफ प्रमुख डॉ. कुमार शांन्तनु और डॉ. अमिय अग्रवाल शामिल हुए।