लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को हुए हंगामे के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन दोषी स्टूडेंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। दोषियों के खिलाफ एक्शन लेकर नजीर देने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन उपद्रवी स्टूडेंट्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ सस्पेंशन के साथ निष्कासन तक के कार्रवाई कर सकता हैं। इस बीच शनिवार को हुई घटना को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने कुलपति को डिटेल अपडेट दिया है। कुलपति की तरफ से मामले में जरूरी एक्शन लेने के निर्देश दिए गए है। ये था पूरा मामला इससे पहले शनिवार को छात्र सभा के दौरान ABVP और NSUI के स्टूडेंट्स के बीच कहा सुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम में शामिल एक शिक्षक पर हमले का प्रयास किया गया। हालांकि, जिस छात्र ने प्रयास किया वह मौके से भाग निकला। इस दौरान धक्कमुक्की और विवि के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। किसी तरह से छात्रों को शांत कराया गया। जबकि चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश द्विवेदी ने शिक्षक पर हमले के प्रयास की घटना से इनकार किया है। विश्वविद्यालय में शनिवार को कॉलेज में कृष्णा देवी गर्ल्स कॉलेज की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें ABVP के छात्र सदस्य भी शामिल हुए। ऐसे में एनएसयूआई संगठन से जुड़े छात्रों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ABVP के कार्यक्रम को हमेशा अनुमति दी जाती है, लेकिन उनके संगठन को अनुमति नहीं दी जाती है। इस दौरान दोनों गुट के छात्र आमने-सामने आ गए। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ जो झड़प में बदल गया। NSUI के छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को शामिल किया जाता है जो कि विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ था। विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं देता परमिशन NSUI से जुड़े स्टूडेंट्स का कहना था कि LU कैंपस में छात्रों के मुद्दों पर दिल्ली विश्वविद्यालय से NSUI के दो छात्रसंघ पदाधिकारी संवाद के लिए आए थे, लेकिन दोनों ही बार प्रशासन ने न हॉल दिया, न खुले में कार्यक्रम करने की अनुमति दी। अगर NSUI का कार्यक्रम नहीं होगा, तो ABVP का कार्यक्रम भी नहीं होने देंगे। कार्यक्रम को लेकर NSUI ने उठाए सवाल NSUI के छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में ABVP ने जिस राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। उसे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के संरक्षण में कराया जा रहा था। नियम-कानूनों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों को परिसर में प्रवेश देने से छात्रों में नाराजगी थी। इसी मुद्दे को लेकर छात्र प्रशासन से सवाल-जवाब करने पहुंचे। पहले प्रॉक्टर से बहस, फिर बढ़ा था विवाद कार्यक्रम में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सबसे पहले छात्रों की प्रॉक्टर से बहस हुई। माहौल गर्म हो गया और कार्यक्रम में मौजूद ABVP के लोग भी आमने-सामने आ गए। इसके बाद ही छात्र संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी। NSUI के प्रिंश और आकाश ने आरोप लगाया कि संगोष्ठी में शामिल होने आए बाहरी लोगों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के एक प्रोफेसर से धक्का-मुक्की की। प्रोफेसर को अपनी जान बचाने के लिए पुलिस के पास भागना पड़ा।