झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा मोहल्ले में बड़े भाई तारिक बेग (40) की हत्या उसके छोटे भाई मशारिक ने अपनी पत्नी मुस्कान और साले तालिब उर्फ असद खान के साथ मिलकर की थी। तीनों ने पहले हत्या की योजना बनाई, फिर वारदात को अंजाम देकर शव को घर में ही दफना दिया। पुलिस ने आज तालिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मशारिक की पत्नी मुस्कान फरार है। दो तस्वीरों में देखें घटनाक्रम… अब विस्तार से जाने आरोपियों की भूमिका… 9 फरवरी को हत्या के बाद मशारिक, उसकी पत्नी मुस्कान और साले तालिब ने तारिक के शव को कार से जंगल या नदी में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन घर के बाहर सड़क निर्माण का मलबा फैला होने से कार नहीं निकल सकी और उनका प्लान फेल हो गया। इसके बाद मशारिक और तालिब ने घर के अंदर ही गैंती-फावड़े से करीब पांच घंटे तक गड्ढा खोदकर शव दफन कर दिया। बाजार से नमक लाकर कब्र में नीचे और ऊपर परत बिछाई, फिर मिट्टी भरकर सीमेंटेड ईंटें लगा दीं। खुदाई के निशान छिपाने के लिए वहां कूलर भी रख दिया। तालिब ने गले पर चलाया था चाकू शव को जल्दी गलाने के इरादे से आरोपियों ने मृतक के कपड़े उतारकर उसे न्यूड दफनाया। शव को मुंह के बल और सिर को ज्यादा गहराई की ओर दबाया गया, ताकि पहचान मिट सके। चेहरे की ओर अधिक नमक डाला गया। पूछताछ में तालिब ने स्वीकार किया कि उसने चाकू से तारिक के गले पर करीब तीन इंच गहरा वार किया था, ताकि सिर को धड़ से अलग किया जा सके, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। जंगल में जलाए कपड़े और मोबाइल हत्या के बाद दोनों आरोपी खून से सने कपड़े और मोबाइल लेकर निर्मला कॉन्वेंट स्कूल के सामने से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सुनसान सड़क पर पहुंचे और उन्हें जला दिया। यह जगह नैनागढ़ पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर की दूरी पर ही है। जब पुलिस मशारिक को लेकर मौके पर पहुंची तो यहां केवल राख मिली। नाले में फेंके थे हथियार आरोपियों ने केंद्रीय विद्यालय झांसी से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर रेलवे डिस्पेंसरी के पास बड़े नाले में कुल्हाड़ी, चाकू, गैंती और फावड़ा फेंक दिए। पुलिस ने मशारिक की निशानदेही पर सभी हथियार तारिक की बॉडी मिलने के अगले दिन ही बरामद कर लिए थे। सबूत मिटाकर जी रहा था सामान्य जीवन वारदात के बाद मशारिक सामान्य दिनचर्या जी रहा था और शव दफन करने के बाद हर दिन ड्यूटी पर भी जा रहा था। गिरफ्तारी वाले दिन भी वह ड्यूटी गया था और हाफ टाइम में घर लौट आया था। बाद में मां शगुफ्ता बेगम और मामा मोहम्मद सलीम के साथ भाई की तलाश का नाटक करता रहा। ऐसे गहराया शक मामा मोहम्मद सलीम ने बताया कि जब उन्होंने मोहल्ले के सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो मशारिक की पत्नी मुस्कान, उसका भाई तालिब और उसकी नानी घर में ताला डालकर फरार हो गए। थाने में गुमशुदगी की तहरीर देते समय भी मशारिक ने अपना नाम न लिखने की बात कही, जिससे शक और गहरा गया। बाद में सख्ती से पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। प्रॉपर्टी के लिए की थी हत्या हत्यारोपी मशारिक बेग ने मोहल्ले की ही रहने वाली मुस्कान से 8 दिसम्बर को लव मैरिज की थी। जबकि बड़े भाई तारिक ने कॉम्पिटिशन की तैयारी की बात कहते हुए अभी शादी करने से इंकार कर दिया था। मशारिक, उसकी पत्नी मुस्कान और साला तालिब भी यही चाहते थे कि तारिक की शादी न हो, जिससे मां-बाप की प्रॉपर्टी और पैसा उन्हें मिल जाए। इसी लालच में तीनों ने मिलकर तारिक की हत्या को अंजाम दिया। हालांकि, पकड़े जाने पर मशारिक यही कहता रहा कि हत्या की वजह केवल चाय बनाने को लेकर आया गुस्सा है। मुस्कान फरार, पुलिस दे रही दबिश
प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय ने बताया कि हत्या में मशारिक, साला तालिब और पत्नी मुस्कान की संलिप्तता सामने आई है। तालिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुस्कान की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।