लखनऊ में एक बुजुर्ग ने पंजाब नेशनल बैंक की ठाकुरगंज शाखा के पूर्व ब्रांच मैनेजर पर 4 लॉकर तोड़कर करीब 48 लाख रुपए के सोने के जेवर हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि लंबे समय तक बैंक नहीं गए। इस दौरान उनके लॉकर तोड़कर सारे कीमती जेवर गायब कर दिए गए। पुलिस से शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश पर ठाकुरगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गढ़ी पीर खां के रहने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी राम प्यारे श्रीवास्तव ने बताया- उनका पीएनबी ठाकुरगंज शाखा में खाता है। उन्होंने 20 अक्तूबर 1987 से बैंक में चार लॉकर ले रखे थे। जिनमें करीब 48 लाख रुपए के जेवर रखे थे। नौकरी में व्यस्त रहने के चलते वह लंबे समय तक लॉकर की जानकारी नहीं ले सके। लॉकर किसी अन्य व्यक्ति को अलॉट किया पीड़ित ने बताया- 21 जून 2024 को जब वह जेवर निकालने बैंक पहुंचे। ब्रांच मैनेजर ने बताया कि उनके सभी जेवर गायब हैं और लॉकर किसी अन्य व्यक्ति को अलॉट कर दिए गए हैं। यह सुनते ही वह सदमे में आ गए। इसके बाद बैंक को लिखित शिकायत देकर घर लौट गए। 55 हजार देकर मामला दबाने का आरोप राम प्यारे का आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय जबरन उनके दूसरे खाते में लॉकर शुल्क के नाम पर मात्र 55 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। जानकारी होने पर जब उन्होंने विरोध किया, तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने धर्म-कर्म करने और अधिकारियों-कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई न होने की बात कही। जेल भेजने की धमकी दी पीड़ित का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी गई। परेशान होकर 7 जुलाई 2025 को ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। पुलिस जांच में जुटी इंस्पेक्टर ओमबीर चौहान ने बताया- कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़ित से बयान और लॉकर से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। मामले में संबंधित बैंक मैनेजर से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।