शाहजहांपुर में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण करके थाना बनाने का मामला सामने आया है। इस बाबत क्षेत्र के 3 बार के विधायक रह चुके रोशल लाल वर्मा की विधवा बहू रेनू वर्मा ने आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम द्वारा गठित टीम शुक्रवार को थाने के पास पीडब्ल्यूडी की जमीन का सीमांकन करने पहुंची थी। जहां पूर्व विधायक की नायब तहसीलदार और उनकी टीम से नोंकझोंक हो गई। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि टीम नापी में ढिलाई बरत रही है। टीम ने नापी करने के बजाय थाने में बैठक चाय-नाश्ता किया। पूर्व विधायक ने कहा- मेरी विधवा बहू के मकान का कुछ हिस्सा अतिक्रमण बताते हुए गिरा दिया गया था। अब जब पुलिस पर अतिक्रमण का आरोप है तो हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जांच में लापरवाही बरती जा रही है। अगर ठीक ढंग से सीमांकन नहीं हुआ तो वे फिर से कोर्ट में जाएंगे। हालांकि इस मामले में पीडब्ल्यूडी ने भी माना है कि विभागीय जमीन पर ही थाने की बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया गया है। वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में सीमांकन पूरा कर 12 दिसंबर तक पूरी सीमांकन रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… निगोही थाना के समीप रहने वाली पूर्व विधायक रौशन लाल वर्मा की विधवा बहू रुचि वर्मा के मकान का कुछ हिस्सा अतिक्रमण बताते हुए गिरा दिया गया था। रुचि वर्मा का आरोप है कि थाने की पुलिस ने उनके मकान के सामने तार लगाकर जगह घेर ली। और उसी पर पुराना कबाड़ रख दिया। रुचि वर्मा ने इसे अवैध कब्जा बताते हुए रुचि वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी। कहा- सड़क के दोनों ओर 60-60 फीट जमीन PWD की है, लेकिन एक ओर पुलिस ने कबाड़ रखकर कब्जा कर लिया है। दूसरी ओर PWD की जमीन पर पूरा थाना बना हुआ है। हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को आदेश दिया- सड़क के दोनों किनारों का सीमांकन राजस्व–PWD–पुलिस की संयुक्त टीम करे। नाप की रिकॉर्डिंग और दस्तावेजीकरण जरूरी होगा। अगर अतिक्रमण मिला तो उसे हटाकर रिपोर्ट 12 दिसंबर तक कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद SDM तिलहर ने नायब तहसीलदार पूनम मधुकर की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय टीम बनाई। टीम में PWD, राजस्व और लेखपालों को शामिल किया गया है। टीम को निर्देश दिए गए कि सीमांकन नियमों के अनुसार हो। स्थल का भौतिक और स्थायी सत्यापन अनिवार्य रूप से हो। रिपोर्ट पर SDM की मोहर और हस्ताक्षर जरूर रूप से हो। सीमांकन के दौरान हंगामा, पूर्व विधायक बोले, “टीम हीलाहवाली कर रही है”
शुक्रवार को जब एडीएम रजनीश कुमार द्वारा गठित राजस्व टीम थाने के पास पहुंची तो पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा और उनकी बहू के वकील भी मौजूद थे। उस दौरान आरोप लगे- टीम नाप में देरी कर रही थी। मौके पर ही पूरी माप नहीं कर रही थी। अधिकारियों का रवैया “गड़बड़ी छिपाने वाला” लग रहा था। पूर्व विधायक ने कहा- हमसे तो उपस्थिति के साइन करा लिए, लेकिन नाप शुरू नहीं की। सूचना मिली कि थाने के अंदर अधिकारियों के लिए नाश्ता–पानी तक लगाया गया। अगर नाप में गड़बड़ी की गई तो फिर हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं प्रशासन की ओर से एडीएम रजनीश कुमार का कहना है- राजस्व टीम नाप करने गई थी। रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। वहीं SP राजेश ने दावा किया- उच्च न्यायालय के आदेश पर नाप कर ली गई है। PWD की जांच रिपोर्ट में खुलासा- थाने की बाउंड्री NH की जमीन पर बनी
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मार्ग खंड, PWD बरेली की जांच रिपोर्ट (14 अगस्त 2025) में बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि थाने की बाउंड्री वॉल NH-731K की सरकारी जमीन पर बनी है। कुछ लोगों ने तार लगाकर पुरानी गाड़ियां सड़क भूमि पर खड़ी कर रखी थीं। शिकायत के मुताबिक सड़क की दोनों ओर स्थायी–अस्थायी अतिक्रमण मिले। थानाध्यक्ष ने नोटिस लेने से किया इनकार
जब PWD अधिकारी थानाध्यक्ष को नोटिस देने पहुंचे तो उन्होंने नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद विभाग ने नोटिस की प्रति SP शाहजहांपुर को भेजते हुए कार्रवाई की मांग की। PWD के अधिशासी अभियंता ने लिखा- अतिक्रमण हटाए बिना शिकायत का निस्तारण संभव नहीं है। पुलिस प्रशासन सहयोग करे। अतरौलिया के विधायक ने भी उठाया था मामला
इसी मामले को लेकर नियम-51 के तहत विधायक डॉ. संग्राम यादव ने विधानसभा में पूछा था- निगोही में गाटा 334–335 के सामने कौन–कौन से अतिक्रमण हैं? क्या थाने की बाउंड्री पिच रोड तक बढ़ाकर सरकारी जमीन घेरी गई है? जवाब में PWD ने पूरा मामला उजागर किया। 12 दिसंबर को होगी सुनवाई PWD रिपोर्ट ने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए; अब हाईकोर्ट को तय करना है- कौन सही, कौन गलत। फिलहाल 12 दिसंबर को जब रिपोर्ट कोर्ट में जाएगी, तब साफ होगा कि पुलिस वाकई PWD की सड़क पर कब्जा किए बैठी है या नहीं। फिलहाल, घटनास्थल पर तनाव और आरोप–प्रत्यारोप जारी हैं।