समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने विधायकों को आगाह करते हुए कहा है कि एसआईआर के जरिए भाजपा बड़ी साजिश रच रही है। उसे नाकाम करने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। भाजपा के निशाने पर पीडीए के वोटर हैं। उसकी मंशा है कि समाजवादी पार्टी के पात्र समर्थकों व मतदाताओं को किसी भी तरह वोटिंग से वंचित कर दिया जाए। ऐसे में विधायकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। एक–एक वोट अहम है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से कटना नहीं चाहिए। उन्होंने सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं से नए मतदाता बनाने के काम को युद्धस्तर पर करने और इसमें पूरी ताकत झोंक देने का आह्वान किया। पार्टी मुख्यालय पर हुई इस बैठक में विधायकों के साथ साथ विधान परिषद सदस्य मौजूद थे। अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव होगा। उन्होंने कहा, “संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा, तभी पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज को उनका हक और सम्मान मिलेगा।” अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को जंगलराज बना दिया है। कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची। महंगाई बेकाबू है, जीएसटी ने व्यापार चौपट कर दिया। महिलाएं-बच्चियां रोज अपमान का शिकार हो रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त है। विकास पूरी तरह ठप है। भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश से जब तक भाजपा की सरकार नहीं हटेगी, तब तक न किसान सुखी होगा, न नौजवान को रोजगार मिलेगा, न महिलाएं सुरक्षित होंगी और न ही प्रदेश में खुशहाली आएगी। बैठक में अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर समाजवादी सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने और अपनी भाषा-व्यवहार से जीत का माहौल बनाने की अपील की। साथ ही पूरी सावधानी के साथ लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की है।