बरेली में BLO ड्यूटी में तैनात एक और टीचर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। टीचर विनोद कुमार शर्मा रात में खाना खाकर अपने कमरे में सो रहे थे। सुबह मृत अवस्था में मिले। टीचर के बेटे ने कहा- पापा पर काम का बहुत प्रेशर था। 7 नवंबर को उन्होंने पहली एप्लिकेशन दी थी कि मुझे ड्यूटी से हटाया जाए। इसपर कहा गया कि तुम्हारा सस्पेंशन लेटर तैयार है। अब सोच लो, क्या करना है। तो पापा ने ड्यूटी रिसीव कर ली। 4-5 दिन पहले बीएलओ ने फिर ड्यूटी हटाने की एप्लिकेशन दी थी। उन्हें एंड्राइड मोबाइल और लैपटॉप चलाना नहीं आता था, इसलिए डिप्रेशन में थे। उनपर प्रेशर था कि काम नहीं करोगे तो FIR लिखवाई जाएगी। यूपी में अब तक 11 BLO की मौत हो चुकी है। इनमें से अकेले बरेली में 3 बीएलओ की जान जा चुकी है। 26 नवंबर को टीचर सर्वेश कुमार स्कूल में अचानक बेहोश होकर गिर गए और उनकी मौत हो गई। जबकि 2 दिसंबर को प्रवक्ता अजय अग्रवाल को ब्रेन हेमरेज हो गया था। उनके दिमाग की दोनों नसें फट गई थीं। पहले टीचर का वो लेटर, जो ड्यूटी हटाने के लिए लिखा था… मेरे स्कूल में समस्त स्टॉफ ने उचित माध्यम से ड्यूटी करवा ली, वर्तमान में मैं विनोद कुमार शर्मा, प्रभारी प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय विशारतगंज कंपोजिट में कार्यरत हूं। मेरी जन्म तिथि-07/07/1964 है। मेरी आंखों में मोबाइल पर काम करने से दिक्कत होती है। मोबाइल पर ऑनलाइन काम करना मुझे नहीं आता है। मेरे स्कूल के पास में उच्च प्राथमिक विद्यालय, भिंडौरा से सहायक अध्यापक रेवतीनंदन, रवी रस्तोगी में से किसी की भी ड्यूटी लगाएं। मुझे बीएलओ की ड्यूटी से कार्यमुक्त करने की कृपा करें। आपकी अति कृपा होगी। अब पढ़िए पूरा मामला… बिशारतगंज निवासी उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात विनोद कुमार शर्मा की सोमवार सुबह अचानक मौत हो गई। वह बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 261 में बीएलओ के तौर पर SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का काम कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि रविवार रात सामान्य दिन की तरह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। इसके बाद सुबह अपने कमरे में मृत अवस्था में मिले। हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई। सुबह होते-होते यह खबर पूरे शिक्षक समुदाय में फैल गई। घर पर शोक जताने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन शोक के साथ गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा था। साथी टीचरों की ड्यूटी हट गई थी
मृतक के बेटे शिवांश शर्मा (27) ने बताया कि उनके पिता वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य भी साथ नहीं दे रहा था। उनके हम 5 बच्चे हैं। बड़ी दीदी हिमानी (32), शिवांगी (29), अनन्या (25), शिवांश(23) और ध्रुव(15) है। आंखों की गंभीर समस्या और मोबाइल आधारित ऑनलाइन कार्य करने में उनको परेशानी थी। इसके बावजूद उन पर SIR ड्यूटी का पूरा बोझ डाल दिया गया। पिता ने खंड शिक्षा अधिकारी मझगवा को लिखित पत्र देकर SIR ड्यूटी से फ्री करने की गुहार लगाई थी। पत्र में साफ लिखा था कि उनकी उम्र, स्वास्थ्य और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह काम उनके लिए मुश्किल है। यह भी बताया था कि स्कूल के अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी हट चुकी है, लेकिन उनकी अर्जी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद से वह लगातार तनाव में रहने लगे थे। मोबाइल लैपटॉप चलाना नहीं आता था
बेटे शिवांश ने कहा- मेरे पिता जी का निधन हार्ट अटैक से हुआ है। मैं अपने पिता को बरेली में अस्पताल में लेकर पहुंचा, तो डॉक्टर ने कहा कि इनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। पापा की मौत का कारण BLO की ड्यूटी थी। दो युवा टीचर ने अपनी ड्यूटी कटवाकर पिता जी की ड्यूटी लगवाई। मेरे पापा की मौत के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन दोषी है। बीएलओ की ड्यूटी में उम्रदराज लोगों को नहीं लगाना चाहिए। ये दौड़ने का काम है और आप मेरे पापा पर प्रेशर डाल रहे हो, जो बुजुर्ग थे। जिनको 2 साल बाद रिटायरमेंट होना था। मेरे पापा ने ड्यूटी कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। वो शुगर पेशेंट थे। लेकिन सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिया गया। मेरे पापा एंड्रॉयड मोबाइल और लैपटॉप चलाना नहीं जानते थे। प्रेशर बनाकर ये बोल दिया गया था कि अगर आपने ड्यूटी रिसीव नहीं की तो आपका सस्पेंशन लेटर जारी कर दिया जाएगा। रात के 10 बजे मेरे साथ जाकर उन्होंने ड्यूटी रिसीव की थी। अगर पापा ड्यूटी रिसीव नहीं करते तो डीएम ऑफिस की ओर से सस्पेंशन लेटर जारी हो चुका था। जिस वजह से पापा डिप्रेशन में थे। अब पढ़िए बरेली में 2 और BLO की मौत का मामला… पहला मामला- 26 नवंबर BLO सर्वेश कुमार गंगवार, जो भोजीपुरा ब्लॉक के परधौली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। उनकी ड्यूटी SIR (Special Intensive Revision) में लगी थी। 26 नवंबर को सुबह करीब साढ़े 10 बजे वो स्कूल में अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरा मामला- 2 दिसंबर बरेली में एसआईआर के दबाव में प्रवक्ता अजय अग्रवाल को ब्रेन हेमरेज हो गया। उनके दिमाग की दोनों नसें फट गईं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजय अग्रवाल (51) मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में 1991 से कार्यरत थे। वे 2 दिसंबर की रात साढ़े 11 बजे पापा SIR का काम कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत खराब हो गई। वो बेड से उठ भी नहीं पा रहे थे। बेटा उन्हें फौरन मिनी बाईपास स्थित प्रताप हॉस्पिटल ले गए।जहां से डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके बाद गंगा शील हॉस्पिटल ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने कहा कि इन्हें कहीं और ले जाइए। इसके बाद SRMS मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। ……………… पढ़ें ये भी जरूरी खबर… राम मंदिर आंदोलन से जुड़े डॉ. रामविलास वेदांती का निधन:रीवा में ली अंतिम सांस; कोहरे के कारण लैंड नहीं कर पाई एयर एम्बुलेंस राम मंदिर आंदोलन के संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार को निधन हो गया। मध्य प्रदेश के रीवा में दोपहर 12.20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 67 साल के थे। वेदांती की रीवा में रामकथा चल रही थी। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। दो दिन से उनका इलाज रीवा के एक हॉस्पिटल में चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर…