स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय में लंबे समय बाद बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। एडीएम सिटी सत्यम मिश्र की अगुवाई में अधिकारियों की टीम अस्पताल पहुंची और लगभग दो घंटे तक ओपीडी से लेकर ओटी व वार्ड की व्यवस्थाओं को परखा। अस्पताल के तीन प्रमुख विभाग कॉर्डियोलॉजी, मेडिसिन विभाग और ट्रामा सेंटर के सभी डॉक्टर व स्टॉफ अनुपस्थित मिले। कई विभागों में गायब मिले विशेषज्ञ डॉक्टर
अस्पताल में हाजिरी रजिस्टर और ड्यूटी चार्ट के मिलान में पाया गया कि कई बड़े डॉक्टर बिना किसी पूर्व सूचना के गायब हैं। अनुपस्थित रहने वालों में गायनेकोलॉजी डॉ. अमिता यादव , सुपर स्पेशलिटी डॉ. दीपक गुप्ता (यूरोलॉजी), डॉ. सौम्या गुप्ता (नेफ्रोलॉजी), डॉ. विनायक सिद्धार्थ (प्लास्टिक सर्जन) और डॉ. पंकज कुमार गुप्ता (न्यूरोलॉजिस्ट) शामिल थे। वहीं कार्डियोलॉजिस्ट, ट्रामा सेंटर और मेडिसिन अनुभाग के समस्त चिकित्सक एवं स्टाफ अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं प्रशासनिक विंग के सौरभ द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत उपस्थिति पंजिका भी अधूरी पाई गई, जिसमें कई जगह समय और हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। 5 दिन से वेंटिलेटर का इंतजार, मरीज बेहाल
निरीक्षण के दौरान मिर्जापुर के हिमांशु पाण्डेय ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके दादा राम नरेश पाण्डेय पिछले 5 दिनों से भर्ती हैं, लेकिन वेंटिलेटर मशीन खराब होने के कारण उनकी जान खतरे में बनी हुई है। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सभी वेंटिलेटर और जीवनरक्षक उपकरणों को तत्काल क्रियाशील किया जाए। सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का हाल
अस्पताल के मुख्य परिसर में सफाई तो ठीक मिली, लेकिन नालियों में जमा गंदगी और अवरोध ने स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी। परिसर में निजी वाहनों की अनाधिकृत पार्किंग के कारण एम्बुलेंस और मरीजों के आवागमन में भारी बाधा देखी गई। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई और मरीजों ने बाहर से दवा खरीदने की शिकायत नहीं की।
फायर ऑडिट और मॉकड्रिल अनिवार्य
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को पूरे परिसर का फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किसी भी इमरजेंसी के लिए ‘रेस्क्यू प्लान’ और नियमित मॉकड्रिल सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि ड्यूटी चार्ट को रोजाना अपडेट किया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।