UP सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद तेज:योगी 23 मार्च को बैठक करेंगे, भूपेंद्र चौधरी मंत्री बन सकते हैं

योगी आदित्यनाथ सरकार के 9 साल पूरे होते ही योगी सरकार 2.0 के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद तेज हो गई है। आगामी सप्ताह से लेकर अप्रैल महीने तक मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का गठन भी होगा। मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा की नई टीम के गठन और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के यूपी दौरे के बनी योजना को धरातल पर उतारने के लिए भाजपा, योगी सरकार और आरएसएस की समन्वय बैठक शुक्रवार और शनिवार को होगी। वहीं योगी मंत्रिमंडल की बैठक 23 मार्च सोमवार को होगी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार शुक्रवार को लखनऊ आएंगे। अरुण कुमार पहले चरण में आरएसएस के पूर्वी क्षेत्र और अवध प्रांत के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दूसरे चरण में शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन धर्मपाल की मौजूदगी में संघ के पदाधिकारियों से संघ, सरकार और भाजपा समन्वय से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा कोर कमेटी की बैठक होगी। कोर कमेटी में आरएसएस और भाजपा के पदाधिकारियों के साथ दोनों डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा की प्रदेश टीम के गठन के साथ आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर योजना बनाई जाएगी। उसके बाद सोमवार को लोक भवन में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री शामिल होंगे। संघ, भाजपा और सरकार की बैठकों के बाद मंत्रिमंडल की बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक संघ और भाजपा के साथ हुई बैठकों में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन का एजेंडा मंत्रियों को सौंपा जाएगा। दो साल बाद होगा दूसरा विस्तार योगी सरकार 2.0 का का पहला मंत्रिमंडल विस्तार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 5 मार्च 2024 को हुआ था। इसमें सभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, रालोद से अनिल कुमार, भाजपा के सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को मंत्री बनाया गया था। सरकार में अभी 54 मंत्री हैं, अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इस लिहाज से अभी छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं। दो विषयों पर मंथन सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व दो विषयों पर मंथन कर रहा है। एक पक्ष का मानना है कि मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करना चाहिए ताकि मंत्रियों के कारण बनी नाराजगी को दूर किया जा सके। हटाए गए मंत्रियों को एक साल तक अपने विधानसभा क्षेत्र में काम करने भेजा जाए। वहीं दूसरे पक्ष है कि मंत्रिमंडल में ज्यादा बदलाव करने से नाराजगी बढ़ेगी। जिन मंत्रियों को हटाया जाएगा उनकी छवि नेगेटिव बनेगी, उनका चुनाव जीतना भी मुश्किल हो सकता है। संभावना है कि इससे उनकी जाति के वोट बैंक का भी नुकसान हो। इसलिए मंत्रिमंडल में खाली सीटों पर ही तीन चार मंत्री बनाए जाएं।
भूपेंद्र चौधरी बनाए जाएंगे मंत्री सूत्रों के मुताबिक, योगी मंत्रिमंडल में जाट समाज से फिलहाल एक ही कैबिनेट मंत्री है। भूपेंद्र चौधरी को पंचायतीराज मंत्री पद से इस्तीफा दिलाकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। अब चौधरी पूर्व अध्यक्ष हो गए हैं लिहाजा उनके समायोजन के लिए मंत्रिमंडल विस्तार होना है। भूपेंद्र चौधरी के साथ मांट के विधायक राजेश चौधरी भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। एमपी के भाजपा प्रभारी एवं एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह भी मंत्रिपद की दौड़ में हैं। सीएम योगी और पार्टी के राष्ट्रीय सहमहामंत्री संगठन शिवप्रकाश के करीबी महेंद्र सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाकर एक बार फिर शक्तिशाली विभाग की कमान सौंपी जा सकती है। रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने विधानसभा चुनाव में सपा नेता आजम खान को हराया था। रामपुर में सपा का गढ़ ढहाने में आकाश की बड़ी भूमिका रही। बीते दिनों दिल्ली में उनकी बेटी के शादी समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी ने शिरकत की थी। सूत्रों के मुताबिक योगी मंत्रिमंडल में वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना की जगह आकाश सक्सेना ले सकते हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा, पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह, विधायक ठाकुर रामवीर सिंह, सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। वहीं सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई असंबद्ध विधायक पूजा पाल और मनोज पांडेय भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।